
पीड़ित परिवारों की आवाज बनीं महापौर, सूरजकुंड अतिक्रमण मामले में न्याय के लिए उठाया ठोस कदम।
सूरजकुंड क्षेत्र वासियों की समस्या को लेकर महापौर ने रेलवे अधिकारी के साथ कलेक्टर से की चर्चा।
खंडवा। शहर के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के निर्माणाधीन कार्य के चलते अतिक्रमण प्रभावित परिवारों के सामने खड़ी हुई समस्याओं के बीच महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव एक मजबूत जनप्रतिनिधि के रूप में सामने आई हैं। उन्होंने न केवल प्रभावित परिवारों की पीड़ा को गंभीरता से लिया, बल्कि जिला प्रशासन के समक्ष उनके हक और आजीविका का मुद्दा मजबूती से उठाते हुए न्याय दिलाने की पहल भी की। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि सूरजकुंड क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा चल रहे निर्माण कार्य के दौरान कई परिवार अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं। इन परिवारों के सामने अपने आशियाने और रोजगार दोनों को लेकर चिंता की स्थिति बन गई है। ऐसे समय में महापौर अमृता यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित नागरिकों के पक्ष में खुलकर आवाज उठाई और जिला कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की। साथ ही रेलवे अधिकारियों को भी हट धर्मी नहीं दिखाने के निर्देश भी दिए।
महापौर ने कलेक्टर के साथ हुई बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें मानवीय दृष्टिकोण भी झलकना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि जिन परिवारों की आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है, उनके पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अचानक बेघर या बेरोजगार न हो जाएं। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि
महापौर अमृता अमर यादव के इस हस्तक्षेप को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सिटी मजिस्ट्रेट श्री बजरंग बहादुर को निर्देशित किया कि अतिक्रमण क्षेत्र को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन प्रभावित व्यक्तियों के पास भूमि संबंधी वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं, उन्हें रेलवे विभाग द्वारा उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि पूरी कार्रवाई पारदर्शिता और समन्वय के साथ की जाएगी, ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया कि प्रत्येक मामले को गंभीरता से जांचा जाएगा और प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
महापौर अमृता अमर यादव के इस सक्रिय और संवेदनशील रवैये से प्रभावित परिवारों में एक नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर चिंतित लोगों को अब विश्वास होने लगा है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है और उनके साथ न्याय होगा। सुनील जैन ने बताया कि महापौर श्रीमती यादव के साथ इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, जिला महामंत्री धर्मेंद्र बजाज, जिला उपाध्यक्ष प्रियांशु चौरे, एमआईसी सदस्य सोमनाथ काले, वार्ड पार्षद संतोष सारवान, वेदप्रकाश मालाकार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
अब सभी की नजरें प्रशासन और रेलवे विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।











